आग हुई है रोशन आओ, आओ आग के पास! आग से रोशन अपनी बस्ती, कैसी भुलन्दी कैसी मस्ती, रंजो-आलम को भूल-भुलाओ, आओ आग के पास! सूरज डूबा निकले तारे, खत्म हुए सब काम हमारे, मिलकर भाग जगाओ गाओ, आओ आग के पास!
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